#URDU
टेग #URDU वाले सर्वश्रेष्ठ टेलीग्राम चैनलों की सूची।
❣चैनल Admin@King_Of_Telegrame💓@कृष्णाराधिका💟@Lafjo_ki_Muskan💗@KingsShayri😂@DesiJoke🙈@Kingsmemes📲@KingsAp📱@KingsWallpaper💪@KingsMotivational@Khamoshiyo_Ke_Alfaj
इस चैनल के माध्यम से दुनिया भर की विश्वसनीय और प्रामाणिक खबरें आप तक पहुंचाई जाएंगी। खासतौर पर इस्लामिक दुनिया और अरब देशों और दुनिया भर के मुसलमानों की स्थिति पेश की जाएगी। जमीनी तथ्य और अरबी, उर्दू, अंग्रेजी में नवीनतम समाचार प्राप्त करें।
एक बार फिर क़ुद्स में जाओ, सब एक बार फिर से कहें, अल्लाह मुसलमानों में सबसे बड़ा है, मजलूमों की आवाज़ सुनो, वह कहता है, सलाहुद्दीन उमर पोज़ी कहाँ है, दुश्मन को खून से रगड़ो, हज़रत खालिद शिरान संगरखाक की तरह, पवित्र मिट्टी का मूल, मुसलमानों के पैगंबर के स्वर्गारोहण का स्थान है, उसे मुक्त करो।
फेसबुक व्हाट्सएप पर चैनल को फॉलो करें: https://whatsapp.com/channel/0029HajiAbdulHabibAttariMp3@FaizaneAlahazrat25@Mad andMuzakra@DarsiQutubPdf@HajiImranAttari@SirfUrduTahrir@OnlyMuslimLinkSharing@NaatiaKalaam@DawateMuslimBooks
प्यार भरी और हास्य कविताओं और ग़ज़लों के लिए आज ही हमारे चैनल से जुड़ें।
🍃🌺🍃गज़ल जब कही तो कहो! मैं क्या कहूँ कहाँ है मेरी प्यारी रूह, ग़ज़ल के लिए? ग़ज़ल की बयार से दिल भर गया है, लेकिन! मुझे ग़ज़ल की हवा लगती है, मेरा पंख कहाँ है?
अल्लामा मुहम्मद इक़बाल पाकिस्तान के राष्ट्रीय कवि हैं। उनका जन्म 1877 में सियालकोट पाकिस्तान में हुआ था। वह एक महान कवि, दार्शनिक और राजनीतिज्ञ थे। उनकी मृत्यु 1938 में लाहौर पाकिस्तान में हुई।
उड़ान को याद रखें, पक्षी मर चुका है.... हम सभी को एक दिन किसी प्रियजन ने हमसे कहा: मैं तुमसे प्यार करता हूं, मुझे परवाह नहीं है कि तुम झूठ बोलते हो या ईमानदार हो, लेकिन कम से कम एक दिन तुम सबसे ज्यादा खुश थे।
उद्देश्य: 1) सर्वशक्तिमान ईश्वर की प्रसन्नता 2) ऑडियो पाठों की तैयारी "अहल अस-सुन्नी" ✅ फ़ारसी 🍁 कुर्दिश 🍁 अरबी 🍁🌹 Apk 🌹 पीडीएफ 🌹 mp3 🌹 mp4 🌹 🌸 जिम्मेदारी वक्ता की है 🌸 🌸 पिन की गई सूची 🌸 पुरालेख "एक फ़ाइल में" @archive_dros आवश्यक पठन @dros_khbar दिल से दिल तक @Be_Ghalbktabchaneh@dros_ketab
सुन्नी स़ह़ीह़ुल अ़क़ीदह आ़लिमे दीनकी लिखी हुई बे शुमार मौज़ूआ़त परइस्लामी किताबें📚हिंदी, ગુજરાતીEnglish और Roman Urdu में !@AhleSunnat_HindiBooksत़ालिबे दुआ़ :मुह़म्मद जमालुद्दीन ख़ान क़ादिरी ↷@Muhammad_Jamaluddin_Khan